Archive for the ‘gandhi jayanti’ Category

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२ अक्टूबर को गाँधी -जयंती बड़ी धूमधाम से मनायी जाती है और सरकार द्वारा जनता के पैसे का खूब दुरूपयोग किया जाता है । सबसे बड़ी दुर्भाग्य की बात है की एक भी गाँधीवादी वर्तमान में भारतीय समाज की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत नहीं है, क्यूंकि वर्तमान की ज्यादातर समस्याएँ उनके ही गुरु भाई राजनीतिज्ञों द्वारा समाज को उपहार के रूप में दी गयी हैं । गाँधीजी को भारत में ही नहीं विश्व में शांतिदूत की तरह माना जाता है। लेकिन कुछ समय से गाँधीजी की लोकप्रियता में कमी आई है जो की एक संकेत है की गाँधीवाद अब उतना लुभावना नहीं रहा जितना की गांधीवादियों और सरकार ने जनता के सामने रखा था। अगर गाँधी जी के सही व्यक्तित्व को समझना है तो उनके समकालीन विचारको के विचारों को पढना भी उतना ही जरूरी हो जाता है जितना गाँधी जी को पढना। आज की सही स्थिति यह है की गाँधी को आदर्श मानने वाली सरकार ही उनके विचारों को वो जगह नहीं दे पाई जिससे की जनता की आँखों में गाँधी की वो इज्जत बने जिसकी हम गाँधी जयंती के समय बातें करते हैं। आदर्श पुरुष वह होता है जिसके विचार और व्यवहार में समानता हो। गाँधी जी का सही विश्लेष्ण करने के लिए हमे निम्नलिखित बिन्दुओं को ध्यान में रखना होगा :
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•गाँधी और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम
•गाँधी और पाकिस्तान की समस्या
•गाँधी और अम्बेडकर के विचारों में तुलना त्तथा जाति – व्यवस्था के बारे गाँधी चरित्र
•गाँधी और भगत सिंह के विचारों में तुलना तथा भगत सिंह बारे उनके विचार
•नाथू राम गोडसे द्वारा वर्णित गाँधी चरित्र
•गाँधी के बारे उनके सहयोगियों के विचार जो पिछले २० वर्षों में सामने आये
•वर्तमान समय में गाँधीवादियों की सामाजिक और राजनितिक भूमिका
•क्या वास्तव में गाँधी राष्ट-पिता मानने लायक हैं ?
•गाँधी के विचार और पूंजीवाद
•गाँधी जी के विचारों की व्यवहारिकता
•गाँधी के विचारों की मौलिकता
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सच्चाई तो यह है की भारत में आजकल अंधश्रद्धा का बोलबाला हैं । हम सामाजिक और राजनितिक समस्याओं पर गाँधीवादी दृष्टिकोण से विचार करके उनका समाधान चाहते हैं जो की एक मुर्खता ही हैं। बहुत से विचारक हैं जिनको हमने गांधीवाद की मिथ्या सोच में भुला दिया है. गाँधी और गाँधीवादियों की विचारधारा का परिणाम आज हम देख ही चुके हैं। आज की जरूरत है की मरणासन्न विचारधारा को छोड़ कुछ सकारात्मक और जीवंत विचारों को महत्व दिया जाये तभी हम इस देश को बचा सकते हैं.

•सभी गाँधीवादियों को गाँधीजी के जन्मदिवस की शुभकामनायें।

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गाँधीवाद की मृत्यु