Why We Leave Indian Democracy in the Hands of Corrupts? Need Change….

Posted: फ़रवरी 14, 2014 in Indian Democracy
Today is the black day for socalled Indian Democracy as an honest person is being pulled out because he proved that Congress and BJP are so corrupt that they destroyed India and common man. It will be shameful for those who supports parties like Congress and BJP. They showed there evil side by oppossing public interest bill. All the Best Arvind Kejrival, you are a true Youth ICON for India.
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Views of Arvind Kejrival today:
BJP & Congress united to prevent the Janlokpal from being tabled. What happened in the Delhi assembly was there for the nation to see. The Delhi cabinet has decided to resign.
दोस्तों आज से दो महीने पहले हम ऐसे ही इकट्ठा हुए थे. आठ दिसंबर …को जब दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीज़ों की घोषणा हुई थी तब हम लोग यहीं इकट्ठा हुए थे. इसी खिड़की से मैंने सबको संबोधित किया था. हमने 28 सीटें जीती थी और हमें भरोसा नहीं था कि हमारी सरकार बनेगी.
हमने कसम खाई थी कि हम कांग्रेस और बीजेपी का समर्थन नहीं लेंगे. लेकिन कांग्रेस ने जबरदस्ती समर्थन दिया. हमने जनता से पूछकर सरकार बनाई. 28 दिसंबर को हमने सरकार बनाई और शपथ ली. हमारा सबसे बड़ा वादा था कि हम जनलोकपाल बिल पास करेंगे. भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सख़्त क़ानून बनाएंगे.
लेकिन आज विधानसभा में जनलोकपाल बिल पेश करने की कोशिश की गई तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियाँ मिल गईं. आज तक भारत के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ. सभी को यह तो पता है कि बीजेपी और कांग्रेस पर्दे के पीछे मिलते हैं और देश को मिलकर लूट रहे हैं लेकिन पिछले दो दिन में ये खेल भी सबके सामने आ गया. आज दोनों पार्टियों ने जनलोकपाल बिल विधानसभा में पेश ही नहीं होने दिया.
इन्होंने जनलोकपाल बिल गिरा दिया. ऐसा क्यों हैं? क्योंकि अभी तीन दिन पहले हम लोगों ने मुकेश अंबानी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज़ की है. वीरप्पा मोइली के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज़ की है. मुकेश अंबानी वो सख़्श हैं जो इस देश की सरकार चलाते हैं. मकेश अंबानी ने कहा है कि कांग्रेस मेरी दुकान है मैं जब चाहूँ ख़रीद सकता हूँ. यूपीए की सरकार को पिछले दस साल से मुकेश अंबानी चला रहे थे और पिछले एक साल से मोदी जी को चला रहे हैं.
मोदी के पास इतना पैसा कहां से आता हैं. हेलीकॉप्टर से घूमते हैं, इतनी बड़ी बड़ी रैलियाँ करते हैं? पैसा आता है क्योंकि मुकेश अंबानी उनके पीछे हैं. जैसे ही हमने मुकेश अंबानी पर हाथ रखा ये दोनों एक हो गए. इन्होंने जनलोकपाल पास नहीं होने दिया क्योंकि इन्हें लगा कि अभी केजरीवाल के छोटी सी एसीबी है तो नाक में दम कर रखा है यदि जनलोकपाल आ गया तो आधे से ज़्यादा नेता जेल चले जाएंगे.
इसलिए दोनों पार्टियों ने मिलकर जनलोकपाल बिल गिरा दिया. इन्हें ये भी डर था कि यदि सरकार चलती रही तो अभी तो मुकेश अंबानी और मोइली को ही पकड़ा है थोड़े दिनों में शरद पवार की भी बारी आ सकती है. दोस्तों, मैं बहुत छोटा आदमी हूँ. मैं यहाँ कुर्सी के लिए नहीं आया हूँ. मैं यहाँ जनलोकपाल बिल के लिए आया हूँ. आज लोकपाल बिल गिर गया है और हमारी सरकार इस्तीफ़ा देती है.
मैं मांग करता हूँ कि दिल्ली विधानसभा को बर्खास्त किया जाए और दिल्ली में तुरंत चुनाव करवाए जाएं. लोकपाल बिल के लिए सौ बार मुख्यमंत्री की कुर्सी न्यौछावर करने के लिए तैयार हैं. मैं इस बिल के लिए जान भी देने के लिए तैयार हूँ. अभी अभी हमारी कैबिनेट मीटिंग हुई थी और हमारी कैबिनेट ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि हमारी सरकार आज इस्तीफ़ा देती है.
28 दिसंबर और उसके बाद से हमारे सात के सात मंत्री आज तक ठीक से सोए नहीं हैं. हम रात दिन काम कर रहे थे. हमने दिल्ली वालों के लिए काम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. हमने पूरी साफ़ नियत और ईमानदारी से काम करने की कोशिश की. हो सकता है हमसे ग़लतियाँ हुई हों. हम भी इंसान हैं. लेकिन हमने पूरी ईमानदारी से कोशिश की.
ये लोग कहते हैं कि हमसे गवर्नेस करनी नहीं आती. पाँच साल में बीजेपी और कांग्रेस वाले बिजली कंपनियों का ऑडिट नहीं करवा पाए हमने पाँच दिन में करवा दिया. हमने शीला दीक्षित के भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज़ की. हमने मुकेश अंबानी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज़ की. हम भी अगर करोड़ों रुपए खा लेते और थोड़े से बीजेपी और कांग्रेस वालों के फेंक देते तो ये कहते कि बड़ा अच्छा काम चल रहा है. दोस्तों कल जो कुछ संसद और विधानसभा के अंदर हुआ है उससे मन बहुत खट्टा हो गया.
कल संसद में इन्होंने मिर्ची पाउडर फेंका, विधानसभा में मेरा माइक तोड़ दिया. हमारे एक मंत्री को चूड़ियाँ दी. हमारे काग़ज़ फेंक दिया. चूड़ियाँ देने का मतलब क्या है? क्या ये बीजेपी वाले महिलाओं की इज्ज़त नहीं करते. बड़ी बड़ी बातें करते हैं. विधानसभा को मंदिर बताते हैं लेकिन मैं पूछता हूँ कि मंदिर में मूर्तियाँ तोड़ते हो क्या, मस्जिद में कुरान फ़ाड़ते हो क्या? शर्म आती है मुझे.
बीजेपी वालों ने विधानसभा और संसद दोनों को शर्मसार कर दिया. हम जो भी काम करते हैं ये उसे असंवैधानिक बताते हैं. मुकेश अंबानी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर की तो मोइली ने असंवैधानिक बता दिया. हम जनलोकपाल लाए तो बिल को असंवैधानिक बता दिया. मैंने भी संवीधान पढ़ा हैं. कहीं नहीं लिखा कि हमें विधानसभा में बिल प्रस्तुत करने से पहले केंद्र सरकार की अनुमति चाहिए.
क्या केंद्र सरकार अंग्रेज़ों की सरकार है और दिल्ली के उपराज्यपाल उनके वॉयसराय हैं? हम नहीं बात मानते केंद्र सरकार की. हम संविधान की बात मानेंगे और उसके लिए अपनी जान तक देने के लिए तैयार हैं. इस देश की जनता ने अब आज़ादी की खुशबू लेनी है और अब जनता चुप नहीं बैठेगी. मैं अब यहाँ से सीधा उपराज्यपाल के पास जा रहा हूँ और भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि हम बहुत छोटे लोग हैं. भगवान हमें सद्बुद्धि दे और देश के लिए जान कुर्बान करने का मौक़ा दे.
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दोस्तों,
एक बात तो शर्तिया है…. इस मुल्क में अब जब भी इतिहास लिखा और पढ़ा जायेगा तो बीजेपी को दिल्ली में उसके द्वारा निभाई गयी विपक्ष की भूमिका का जवाब तो देना ही पड़ेगा…
और ये सवाल हमेशा बीजेपी को देना भारी पड़ेगा..
आज जिस कांग्रेस के चक्कर में फंसकर बीजेपी ने अपनी जग-हंसी करवाई है दिल्ली विधानसभा में जन लोकपाल का तीव्र विरोध करके , तो उसे अंदाज़ा ही नहीं कि कांग्रेस उसे ने दिल्ली में बर्बाद कर दिया है और उसे इल्म तक नहीं हुआ….
कांग्रेस खुद तो दिल्ली विधान सभा चुनावों …में बर्बाद होकर मटियामेट हो ही चुकी थी और उसे किसी भी तरह से “आप” को राष्ट्रीय पटल पर आने से रोकना था और साथ ही साथ उसे बीजेपी का भी मुखोटा दिल्ली और देश की जनता के सामने लाना था…..
उसने जनता के फैसले के नाम पर “आप” को बिना-मांगे समर्थन दिया और उसे सरकार बनाने के लिए सोचने पर मजबूर किया….बीजेपी ने भी कांग्रेस की हाँ में हाँ मिलाते हुए “आप” को सरकार बनाने के लिए बार-बार चुनौती दी और इस तरह “आप” की सरकार बनी…..
पर जिस तरह से बीजेपी ने हर बात पर नकारात्मक राजनीती की, सरकार के हर काम में अडंगा डालने की कोशिश की, सरकार के खिलाफ एक बेबुनियाद और बे सिर-पैर का प्रोपेगंडा चलाया, उससे बीजेपी खुद विकास-विरोधी और भ्रष्टाचारियो के साथ खड़ी दिखाई दी…और यही कांग्रेस चाहती थी….
बीजेपी को लग रहा था कि वो दिल्ली की राजनीती चला रही है…..पर उसके बड़े-बड़े विद्वान् नेता शायद भूल गए कि कांग्रेस उसे कठपुतली की तरह इस्तेमाल करके उससे ये सब करवा रहे थे और बीजेपी के नेता वो सब कर भी रहे थे…
अब साफ़ है कि दिल्ली में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही तकनीकी तौर पर बहाना बनाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकप्रिय और जनप्रिय “जन लोकपाल” के विरोध में हैं…..वो नहीं चाहते कि दिल्ली में कांग्रेस की सरकार के काले कारनामों और बीजेपी के MCD में खुली लूट की कोई जांच भी हो….
कांग्रेस और बीजेपी अपनी खाल बचाना चाहती है…..दोनों पार्टियाँ संविधान की आड़ लेकर अपने काले कारनामों को छुपाना चाहती हैं….किसका बेवकूफ बना रहे हैं श्रीमान जी ?? इन्ही क़ानूनी और संवेधानिक दाँव-पेंचों में उलझा कर ही तो इस देश का बर्बाद कर डाला है इन पार्टियों ने….अपनी बारी में तो कांग्रेस ने इसी दिल्ली विधानसभा में 13 बिल पास किये थे बिना किसी केंद्र की मंजूरी लिए…तो अब क्या सांप सूंघ गया इन्हें ?????
http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/tp-newdelhi/sheila-govt-passed-13-bills-without-centres-nod/article5675661.ece
अब जो थोड़ी बहुत इज्ज़त और समर्थन मुहाने पर बैठे नागरिकों और वोटर्स के दिल में बीजेपी की थी वो आज तार-तार हो गयी होगी…..उसके घिनोने षड्यंत्र बेनकाब हो गए….
बीजेपी की तो ये सवाल हमेशा बीजेपी को देना भारी पड़ेगा…..दिल्ली की जनता को भी और देश की जनता को भी…..दिल्ली में खलनायक का उसका रोल सबने देखा है…..
अब “आप” की सरकार रहे या ना रहे..पर एक बात तो साफ़ है—-अब आगे दिल्ली की जनता को चुनना है कि वो क्या चाहती है और किसके साथ खड़ी है ????????????
क्या चाहती है दिल्ली की जनता—-कि उसके हक, उसके अधिकारों, उसके सपनों, उसके अरमानों को पूरा उसके द्वारा चुनी मजबूत सरकार करे या फिर वो सरकारें जो दिल्ली की जनता को लूटने के समय तो खुद आगे आ जाती हैं और जब दिल्ली की जनता के कल्याण की बात आती है तो कानून और संविधान के नाम पर केंद्र और उप-राज्यपाल को आगे करके जनता को बेवकूफ बनाते हैं ??????
04 दिसंबर को भी दिल्ली की जनता ने इतिहास बनाया था और ये भी दीगर है कि इस देश की राजनीती को नयी दिशा भी दिल्ली की जनता ही देगी…
और रही बात “आप” की तो किसी शायर ने क्या खूब कहा था कभी—
“हम तो दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ भी चल पड़ेंगे, रास्ता बन जायेगा”…………
जय हिन्द !! वन्दे मातरम !!
डॉ राजेश गर्ग.
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